राष्ट्रवाणी: फिल्म द वन (The Vvaan) का बिहार में खूब क्रेज दिख रहा है। फिल्म ने एक हफ्ते में ही बॉक्स ऑफिस पर हाफ सेंचुरी मार दी है। बिहार में द वन का क्रेज।

फोटो क्रेडिट- एक्स एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म द वन (The Vvaan) का बिहार में अलग ही क्रेज देखने को मिल रहा है। लोक संस्कृति से प्रेरित फिल्म की कहानी को लोग बड़े पर्दे पर देखने के लिए चप्पल उतारकर सिनेमाघर जा रहे हैं।

बिहार की लोक परंपराओं और छठ पूजा से जुड़ी आस्था के इर्द-गिर्द घूमती फिल्म द वन 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म को क्रिटिक्स से भले ही मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली हो, लेकिन दर्शक इस फिल्म को पसंद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर द वन को काफी पसंद किया जा रहा है।

कुछ दर्शक इमोशनल होकर फिल्म का आनंद ले रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, बिहार में कुछ दर्शक द वन देखने से पहले सिनेमाघर के बाहर चप्पल उतारकर अंदर जा रहे हैं। यहीं नहीं, कुछ दर्शक तो द वन के पोस्टर के सामने सिर झुका रहे हैं, हाथ जोड़ रहे हैं।

कुछ लोग थिएटर्स के अंदर फिल्म देखकर इमोशनल होते हुए नजर आए। लोग इस फिल्म से इस तरह कनेक्ट कर रहे हैं कि थिएटर के बाहर ठेकुआ बांट रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें लोग थिएटर के बाहर ठेकुआ बांटते हुए नजर आ रहे हैं।

यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। Theatre mein film dekhne jao aur bahar ghar ke haath ka thekua mil jaaye… isse better Chhath feeling kya hogi #thevvaan pic.twitter.com/tago405A2l सुपरनैचुरल और माइथोलॉजिकल फिल्म द वन बॉक्स ऑफिस पर एक हफ्ते में हाफ सेंचुरी मार ली है। इस फिल्म ने 1 अक्टूबर को घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 4 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है।

मात्र एक हफ्ते के अंदर इस फिल्म का कारोबार 53 करोड़ के करीब पहुंच गया है। उम्मीद है कि गांधी जयंती (Gandhi Jayanti), शनिवार और रविवार को फिल्म की कमाई में और भी उछाल आएगा।

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version